|| राम जन्म ।। – कार्य नंद पाठक (लेखक)

|| राम जन्म ।। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, आज मन में साध है, रामजन्म की कथा, कहकर सुनाऊं आपको। त्रेता में हम जनमे नहीं, आँखों देखा हाल यह। मानस में हमने जो पढ़ी, हम आप से जो कुछ सुनी, वर्णन वही करना यहां। महीना चैत का ही था, समशीतोष्ण वातावरण था, भूमि सुवासित थी। महलों से निकली,,,,, सोहरों की स्वर लहरियाँ, मन को भी हरने लगी। जो जहाँ था, व्यस्त था, फुरसत में था एको नहीं। खुशियाँ किसे…

"|| राम जन्म ।। – कार्य नंद पाठक (लेखक)"

Journey of life

मैं एक लेखक नहीं एक कलाकार हूँ छोटी-बड़ी गलतियों को माफ़ करने से पहले बताना जरूरत, मुझे सुधारने का एक मौका देना जरूर। ज़िन्दगी एक नए जंग हैं, हर सफ़र मुश्किलें अनंत हैं। चलते-चलते लगखड़ाते हुए संभाल लेंगे हम,किस्मत को थोड़ा आजमा लेंगे हम। मुश्किलें भी देंगी साथ मेरा हँसते हुए,वो मुझे गिराए हर दफ़ा संभलने के लिए। उसकी हँसी को दुःख में बदल देंगे ,गिरते हुए हम थोड़ा मुस्कुरा देंगे। चोट तो युही लगती…

"Journey of life"

Pratibha is Alive by manoguru

हर रोज की तरह आज भी दिन ही था रात के 12 बज़कर 51 मिनट पर भी, अरे इक अरसा बीत गया है मनोगुरु ने रात और दिन में फ़र्क नहीं समझा | वजह…? वजह यह है कि सुना है कभी – ” जब आप सो रहे होते हो तब भी कोई जाग रहा होता है और जब आप जागॉगे तो वो आप से कहीं गुना आगे होगा” | बस अब यही याद रख कर…

"Pratibha is Alive by manoguru"

“उम्मीद अभी बाकी है” – (Prajjval Nira Mishra + Azharuddin Siddiqui)

कुछ उम्मीद है जो अभी बाकी है। कुछ चाह है जो अभी बाकी है। तन जल चुका है मेरा। पर वजूद है जो अभी बाकी है। मेरे सपने अब भी वंही हैं। वो परियों का दुनिया भी अभी ज़िंदा है। मेरी सूरत मिटी है तेरी कायरता से। पर हौंसला है जो अभी बाकी है। मेरे जिस्म पर फेंका था तेजाब तुमने। पर सुकून है कि मेरे बदन को तुमने छुआ ना था। सिर्फ तेजाब ने…

"“उम्मीद अभी बाकी है” – (Prajjval Nira Mishra + Azharuddin Siddiqui)"

दम तोड़ती शिक्षा – मनोगुरु

“दम तोड़ती शिक्षा” (मनोगुरु)   जिस्म मेरा क्यूँ छुआ , ज़िन्दगी थी क्या जुआ लुटती तेरी आबरू तो , यूँ नजारा देखता क्या   – मनोगुरु – हर रोज की तरह 19 तारीख की सुबह जब आंख खुली तो हल्की सी मुस्कान के साथ बिस्तर को अलविदा किया और जाकर आंगन में रखी कुर्सी पर बैठ गया । अब चूँकि एक अलग दौर से गुजर रहा हूँ तो वक्त की अहमियत को दरकिनार भी नहीं…

"दम तोड़ती शिक्षा – मनोगुरु"

www.rhymly.com – Arpan khoshla

( Written by its CEO – Arpan Khosla) Rhymly.com is a recently launched search engine website that helps budding poets, shayars, lyricists, rappers, theatre jingle writers, Youtube Artists, ad agencies etc. find rhymes of all common Hindi words. Just search for any Hindi word in Hinglish & you will get all its rhymes in Hinglish & Devanagari both. This way a writer has to only concentrate on creativity & leave the Vocabulary part to us.…

"www.rhymly.com – Arpan khoshla"

मेरे पास उत्तर है – मनोगुरु

मेरे पास आज भी हर , प्रश्न का उत्तर था जब अपनों ने किया प्रश्न उस प्रश्न का भी उत्तर था फिर मन ये क्यूँ निरुत्तर था जब पास मेरे उत्तर था उनकी नजर होता जवाब जो उचित उत्तर था वो प्रश्न का प्रत्युत्तर था पर वक़्त का रुख था ही ऐसा बेहतर ही था जो निरुत्तर था मेरे पास आज भी हर प्रश्न का उत्तर था पर आज ना मैं , निरूत्तर हूँ Writer…

"मेरे पास उत्तर है – मनोगुरु"

Death diaries 11 – Philomina Neerudu

Death diaries 11 You are a wave My life dries to drown I have touched the petals of death Mere of death. These pages bloom my shore Like diving words , ready To root out the muses of Catastrophe. Writer – Philomina Neerudu Can you tell me, How to rest those Velvet words skimmed On those shady clouds? They rupture my dreams When you bring those Rusty fears in my dirty eyes Would you promise…

"Death diaries 11 – Philomina Neerudu"

किसान और किसान में कितना अंतर होता है – चिराग गुमसुम

किसान और किसान में कितना अंतर होता है आप ये भी देखिए। कितना अनुशासन था। आप सबने भी तो देखा ना। एक तरफ वो दक्षिण भारत के किसान और एक तरफ ये हमारे उतर भारत के जमींदार जो अपने आपको किसान कहते है। सड़कें रोक दी, वाहनों को चलने नहीं दिया। हिंसा और आगजनी कर दी। 30 हजार कोई कम संख्‍या नहीं होती साहब। मजाल है कोई अप्रिय घटना हिंसा या उत्‍पात हो जाए। किसान…

"किसान और किसान में कितना अंतर होता है – चिराग गुमसुम"

” Mr. Irritating ” – Nilesh Sharma

एक गुज़ारिश – Nilesh Sharma (Mr. Irrirating) महान व्यक्तियों, बुद्धजीवियों, बड़े लोगों, स्वैग वाले भाइयों आपसे गुज़ारिश है अगर आपके पास एक हारा, दुर्दुराया हुआ लड़का या कोई ऐसा इंसान आता है जिसके सपने अंदर ही अंदर उफ़ान मार रहे हों, जो भले ही बोलने में हिचकिचाये, डरे, और किसी तरह आत्मविश्वास की गठरी बांध कर आपसे कुछ सुझाव मांगे तो उसे उसकी उम्र, उसकी बेबसी और उसकी नाकामयाबियों के बारे में अपना ब्रह्माज्ञान ना…

"” Mr. Irritating ” – Nilesh Sharma"

“The Battle” – Devansh Arora

“The Battle” – Devansh Arora The sun was up, She looked so messed up. Yet so beautiful to him, He looked deep into those eyes as if in those, he wanted to swim. She just nonchalantly smiled while they wished each other morning, None of them even had a clue what new storm was aborning. Like every usual day they started to get ready for work, They have fought many battles to be together but…

"“The Battle” – Devansh Arora"