रंजिश नहीं है होली (राहुल मिश्रा)

रंजिश नहीं है होली (राहुल मिश्रा) उम्र तकरीबन दस साल रही होगी. आज ही की तरह होली का दिन था. मेरे मोहल्ले के एक लड़के ने मेरे मूँह पे रंग भरा गुब्बारा फोड़ दिया. “फ़चाक” की आवाज़ के साथ ही वहाँ खड़ा हर कोई ठहाके मार कर मुझपे हँसने लगा. उसका ये मज़ाक मुझे पसंद नहीं आया और मैंने उसको एक जोरदार थप्पड़ रसीद कर दिया. चार घंटे बाद ही वह अपने भाई को ले…

"रंजिश नहीं है होली (राहुल मिश्रा)"

Havoc of humanity in Syria

ज़ालिमों का कहर देखो सीरिया मे इंसानियत का हशर देखो सीरिया मे ظالموں کا قہر دیکھوسیریامیں انسانیت کا حشر دیکھو سیریا میں ये बमबारी ये चीख़ें ये लाशों का ढेर तबाही का मंजर देखो सीरिया मे یہ بمباری یہ چیخیں یہ لاشوں کا ڈھیر تباہی کا منظر دیکھو سیریا میں लोग कहते हैं कयामत आने वाली है कयामत का असर देखो सीरिया मे لوگ کہتے ہیں قیامت آنے والی ہے قیامت کا اثر دیکھو سیریا…

"Havoc of humanity in Syria"

क़ाफ़िर कौन होता है ? ( चिराग शर्मा )

एक  ग़ज़ल  हमें भी तो चले मालूम आख़िर कौन होता है । ख़ुदा से पूछ के आओ “ये क़ाफ़िर कौन होता है ?” इक आंसू कर गया हिजरत मेरी आँखों की चौखट से, जब इक बच्चे ने ये पूछा “मुहाजिर कौन होता है ?” कमानें डाल दीं जब चाँद ने ही रात के आगे, उजाले बांटने वाला दिया फिर कौन होता है किसी की शक्ल लेने लगती है दीवार की सीलन, भला तन्हाई से अच्छा…

"क़ाफ़िर कौन होता है ? ( चिराग शर्मा )"