Riya Swarnkar

लफ़्ज़ों में कुछ कह पाना उस रात में बेहद मुश्किल होगा, जब सदियो से भटकते मुसाफिर के सामने घूंघट में छिपा उसका कारवां होगा। बढ़ती धड़कने और माहौल में सन्नाटों का शोर होगा, जब झुकी हुई नजरों का उठना और क़यामत का गिरना होगा। कपकपाते हाथो से उसकी नरम हथेलियों का यूँ छूना होगा, तब अंदर उमड़ता तूफान और बाहर खामोशियों का नजारा होगा। कंगन, बेंदी,झुकमों का जब उसके बदन को अलविदा कहना होगा, सिरह…

"Riya Swarnkar"

Valentine in Metro – Manoguru

रोहित का,उसके गिरते हुए आंसुओं को देखते देखते ध्यान हाथों के मंजर पर पड़ा । अपनी उंगलियों से गुलाब की उन पंखुड़ियों को इस तरह मसल रही थी वो ,मानो आज का ये ज़ख्म गुलाब के ही काँटे ने दिया हो । खैर वो आज गुस्से में इतनी खोई हुई थी कि गुलाब तो कब का खाक हो चुका था अब तो वो अपनी उंगलियों का हाल बेहाल कर रही थी अंजाने में ही सही।…

"Valentine in Metro – Manoguru"

इश्कबाज़ी

मज़हब को तलाशा तो क्या दे दिया इश्क़ के जैसे एक नशा दे दिया जख़्म ऐसा की जिसका न मरहम कोई दानिस्ता ये कैसा ज़हर दे दिया आयुष श्रीवास्तव बेमतलब इश्क़ की तलाश में दुनिया घूम रही हूँ मैं… और तुमसे बेवजह मोहब्बत कर रही हूँ मैं… अनुष्का वर्मा इश्क में जख्म तो मिलते ही है। जहां से हो मलहम की उम्मीद वो ही नमक छिड़कने लगते हैं मजहब की आड़ में सताये गये प्रेमी…

"इश्कबाज़ी"

Happy Mothers Day (Tanu Awasthi)

Writing competition on Mother’s day Entry No 27 Tanu मां की आकृति छाया मैंने पाई, सूरज ढला तो चादर पिता ने लाई। मां से मैं आज हूं, पिता के सिर का ताज हूं। मां के वचन है अनमोल, उसमें शरबत का है घोल। पिता के वचन साहस बढ़ाते हैं, आगे बढ़ना वो हमें सिखाते हैं। मां यदि है दर्पण तो , पिता द्वारा है सबकुछ अर्पण। मां के द्वारा यदि सृष्टि का संचार है, तो…

"Happy Mothers Day (Tanu Awasthi)"

Happy Mothers Day (Juhi Singh Chauhan)

वो बड़े प्यार से नौ महीने अपनी कोख में तुझे रखती है वो एक मां है जो हजार दर्द सह कर भी तुझे पैदा करती है। जब तुम चलना भी नहीं जानते थे तो तुम्हारे डगमगाते कदमों से कदम मिला कर चलती है  वो एक मां है जो तुम्हे इस जमीन पर सीधा खड़ा होना सिखाती है। एक हल्की सी खरोंच पर भी तुम्हारी जो तड़प सी उठती है वो एक मां है जो तुम्हारे…

"Happy Mothers Day (Juhi Singh Chauhan)"

Happy Mothers Day (Harshit Kushwaha)

Harshit kushwaha जब उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए मैं अपने शहर से दूसरे शहर गया था। जहां पर मुझे कॉलेज के छात्रावास में ही रहना पड़ता था।  बात उस वक्त की है जब मैं दिसंबर के महीने में भयंकर ठंड पड़ने के कारण रात के तकरीबन 2 बजे मुझे बहुत तेज बुखार था।हालांकि जवानी के सारे अच्छे दोस्त मेरे करीब ही थे । पर फिर भी दोस्त सिर्फ दोस्त ही होते हैं।  उस वक्त…

"Happy Mothers Day (Harshit Kushwaha)"

Rohit Rathore (Winner of H.M.D.)

एक कविता माँ को समर्पित, छात्रावासियों को समर्पित। माँ मुझे तेरी याद आती है।  जिन्दगी जब भी सताती है। माँ मुझे तेरी याद आती है। भूख हद से मचल जाती है, जब रसोई में उंगली जल जाती है, तू फूँक को कैसे मरहम बनाती है,  माँ मुझे तेरी याद आती है। रात किताबों में जब ढल जाती है, नींद आँख में ही जल जाती है।  कोई माँ जब कहीं लोरी सुनाती है, माँ मुझे तेरी…

"Rohit Rathore (Winner of H.M.D.)"

Akanksha Tanwar

सुबह विदा ले चुकी थी और तपती दोपहरी अपना आक्रोश दिखा रही थी। मन विचलित सा था और दिल हताश। बहुत जगह रिज्यूमे मेल कर चुकी थी, पर कही से कोई पॉजिटिव रिस्पांस आ ही नही रहा था, शायद किसी जॉब के लायक थी ही नहीं मैं। कोस रही थी बैठे-बैठे खुद को और ऊपरवाले को। शिकायतें कर रही थी भगवान से उनकी ही कि हे भगवान जी शायद कुछ जल्दी जल्दी में बना दिया…

"Akanksha Tanwar"