तुम ही तो प्यार हो – कृष्णकांत वर्मा

हम उनके लौटने की राह रोज देखते रहे , जिंदगी के स्वप्न को यूँ रोज भूलते रहे … भूल वो गए मुझे तो क्या नई ये बात है , हम तो अब भी गीत में उन्हें ही ढालते रहे … आज फिर वो खुश हुए जो हम उन्हें यूँ दिख गए , याद फिर वही किया जहां थे हम अटक गये … वो आज पूछने लगी कि हाल कैसा है मेरा , कि पूछने लगी…

"तुम ही तो प्यार हो – कृष्णकांत वर्मा"

ज़िन्दगी

कल एक झलक देखी ज़िन्दगी की ,वो मेरी राहों में गुनगुना रही थी । फिर ढूँढा उसे दर-बदर , वो आँख-मिचौली कर मुस्करा रही थी । एक अरसे बाद आया मुझे करार , वो सहलाकर मुझे सुला रही थी ।हम दोनों क्यूँ है खफा एक दूजे से , मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी । मैंने पूछ लिया कि ,”क्यूँ दर्द दिया ज़ालिम तूने “? वो बोली , ” कि मैं ‘ज़िन्दगी’ हूँ…

"ज़िन्दगी"

सत्य की राह – पायल भारद्वाज शर्मा

कितना मुश्किल है सत्य की राह पर आगे बढ़ना… झूठ आवाजें देता है बार बार पुकारता है पूरी शिद्दत से कि कमजोर पड़ जाओ तुम बस मुड़कर देखो तुम प्रतीक्षा करता है उस एक पल की जब भावनाओं का प्रबल प्रवाह क्षीण कर दे तुम्हारी इच्छाशक्ति और तुम पलट कर एक दृष्टि झूठ पर डालो उसी एक क्षीण क्षण में जकड़ लेता है तुम्हें संवेदनाओं का एक जाल भ्रमित करता है तुम्हें अपनी सम्मोहन शक्ति…

"सत्य की राह – पायल भारद्वाज शर्मा"

हाल अब कश्मीर वाले हैं – वरुण आनंद

ये शोखियाँ ये जवानी कहाँ से लाएँ हम, तुम्हारे हुस्न का सानी कहाँ से लाएँ हम मोहब्बतें वो पुरानी कहाँ से लाएँ हम, रुकी नदी में रवानी कहाँ से लाएँ हम हमारी आँख में पैवस्त एक सहरा है, अब ऐसी आँख में पानी कहाँ से लाएँ हम हर एक लफ्ज़ का मअनी तलाशते हो तुम, हर एक लफ्ज़ का मअनी कहाँ से लाएँ हम चलो बता दें जमाने को अपने बारे में, कि हर रोज…

"हाल अब कश्मीर वाले हैं – वरुण आनंद"