जन्नत का इश्क़ – अनुष्का वर्मा

*जन्नत का इश्क़*

जन्नत – बहुत सुंदर लड़की थी जो अभी 17 साल की थी .. उसका एक दोस्त था टेडी जिससे वो बात करती थी बड़ी ही अजब कहानी थी उसकी और उसके टेडी की ।

टेडी को प्यार से वो स्वीटू शोना बुलाती थी
ये कहानी शुरू होती है जब जन्नत कुछ 17 साल की रही होगी
उसके पापा एक मेले में जाते है उसे लेके बहुत अच्छे खिलोने व झूले देख कर वो बहुत ख़ुश हो जाती है
जब जन्नत और उसके पापा झूले की ऊंचाई पर होते है जन्नत को गुड्डे की दुकान दिखती है

जहां पर गुलाबी कलर का प्यारा सा गुड्डा उसे पसंद आ जाता है वो सोच लेती है कि अब वो लेकर रहेगी क्योंकि उसकी सबसे अच्छी दोस्त टेडी खरीद कर उसे दिखाने आयी थी तो उसने सोचा कि वो भी अपना नया टेडी दिखायेगी

तो अब जब जन्नत और उसके पापा झूले से उतर कर मेले की उस दुकानो से होकर गुजर रहे होते है बीच मे वही गुड्डे की दुकान पड़ती है
तो जन्नत अपने पापा से ज़िद करने लगती है पापा वो दिला दो मुझे प्लीज

पापा पहले मना करते है पर फिर मान जाते है और दिला देते है और वहीं उसे एक क्रिस्टल की चैन अच्छी लगती है वो भी उसके पापा उसे दिला देते है । वो ख़ुश हो जाती है और बोलती है आप सबसे अच्छे पापा हो ।

टेडी लेकर ख़ुशी ख़ुशी दोनों घर लौट जाते है
काफ़ी दिन हो जाते है तब जन्नत की दोस्त आती है
घर पर जिसका नाम रेनु होता है वो थोड़ी बड़ी होती है 18 साल की जन्नत खुशी से बोलती है पता है मेरे पापा तुमसे अच्छा टेडी दिया है वो मुझे बहुत प्यारा है

रेनु बोलती है हाँ ये तो मेरे वाले से भी प्यारा है
दिन भर दोनों खेलने के बाद सो जाती है
वहां पर ही तब जन्नत के पापा रेनु को उसके घर छोड़ आते है वो उसकी मम्मी से बोलते है कि बिटिया सो गई तो छोड़ने आया हूँ
छोड़ कर चले जाते है

और जन्नत को सही से सुला कर वो जन्नत के रूम से चले जाते है

वो टेडी एक कोने में रखा होता है अचानक से वो हरकत करता है चलता है और उस कोने से उठकर वो जन्नत के पास बैठा उसे देखता रहता है

ऐसा हर रात होता था एक दिन जन्नत ने कुछ महसूस किया कि कोई उसे देख रहा है उसने आँखे खोलकर देखा पर उसे कोई ना दिखा उसने टेडी को अपनी बाहों में लिया और सो गई उस दिन पहली बार वो टेडी भी सोया और उसे सुकून की नींद आयी ।

अब हर रात ऐसा ही करता था कि वो जन्नत की बाहों में सो सके ।

अब जन्नत को उस टेडी से ज्यादा लगाव नहीं रह गया था तो वो एक कोने पड़ा रहता था एक दिन ऐसा हुआ कि उस टेडी का मन हुआ जन्नत को करीब से देखने का वो उसको देखने उसके बिस्तर पे चला गया ।

और वो देखता रहा इस बार जब जन्नत की आँख खुली तो उसने टेडी की आँखे देख ली की टेडी उसे ही देख रहा है अब वो थोड़ी डरने लगी इस टेडी से ।

क्योंकि टेडी को रात कहीं रखती थी और सुबह कहीं और होता था । ऐसा होते होते 1 साल बीत गया जन्नत 18 साल की गई थी उसकी इंटर की पढ़ाई पूरी होने वाली थी कि अचानक एक घटना ऐसी हुई कि उसकी पूरी ज़िंदगी बदल गयी ।

एक दिन जब वो हमेशा की तरह अपने बिस्तर पर सो रही थी टेडी उसके बिस्तर पर था उसे ही देख रहा था।
रात के 2 बजे थे वो टेडी को फेक देती है पर टेडी अब अपनी सच्चाई बताना चाहता था उसको ।

तभी चलकर वो उसका नाम लेता जन्नत सुनो मेरी बात सुन लो अगर लगे मैं डरावना हूँ तो शौक से फेक देना ।

वो बोलता है जन्नत तुम मेरी प्रेमिका हो पिछले जन्म की मैं तुम्हे प्यार करता था और तुम भी करती थी मुझे।
और मेरा नाम आकाश और तुम्हारा नाम सुरभि था।

पर एक दिन जब तुमने मुझे किसी और लड़की के साथ देख लिया था मेरी उस गलती की वजह तुमने बोला था कि मैं तुझे श्राप देती हूं तू एक दिन मेरे कदमो में माफी मांगने आएगा और इंसान बनके नही जो चीज़ उस जन्म में मुझे सबसे ज्यादा पसंद होगी उसी भेस में उसकी शरीर में तू मुझसे माफी मांगने आएगा ।

ये सब वो टेडी जन्नत को याद दिलाता है पर उसे कुछ याद नही आता अब वो सोचता है कि वो जन्नत को कैसे यकीन दिलाये की वो सच बोल रहा है ।

वो जन्नत से पूछता है कि कोई क्रिस्टल की चीज़ है तुम्हारे पास जो सबसे चमकीली हो वो मेरी गर्दन में पहनाकर तुम जब उसे छुओगी तुम्हे सब याद आ जायेगा ।

गर्दन में जन्नत वही क्रिस्टल की चैन पहनती थी वो उतार कर वो टेडी को पहनाती है ,और जब वो उसे छूती है वो तुरंत बेहोश हो जाती है। वो सब कुछ देखती है जो उस टेडी ने उसे बताया था पर ,जब उसे होश आता है टेडी रो रहा होता है और उसके कदमों में आकर बोलता है मुझे माफ़ करदो सुरभि मैं मानता हूं , मुझसे गलती हुई थी पर मैं तुम्हारा इंतज़ार 20 साल से कर रहा हूँ मेरी आत्मा भटक रही है सिर्फ इसलिये की क्योंकि तुमसे माफी मांगनी थी |

सुरभि (जन्नत) उसे माफ कर देती है और सीने से लगा लेती है क्यूंकि सुरभि आकाश से प्यार करती थी बेइंतहा

और बोलती है तुमने अब तक क्यों नहीं बताया
रोते हुए जन्नत पूछती है आकाश बोलता है तू मुझे सीने से लगा कर नही सोती ना अगर बता देता तो
पर आज मैं खुश हूँ की तूने मुझे माफ़ कर दिया
जन्नत मुस्कुराती है और बोलती है मुझे भी ले चल साथ अपने साथ रहेंगे

आकाश बोलता है मैं नही ले जा सकता हूँ तू इस दुनिया की है मैं 20 साल पुरानी आत्मा हूँ
बस इस टेडी में कैद हो गया था क्योंकि ये टेडी तुझसे पसंद आया इसलिए अब आज़ाद होने दे माफ करदे नही ले जा सकता तुझसे मैं जन्नत रट हुए बोलती है मैं आज भी प्यार करती हूं तुझसे फिर क्यों नही ..??

इतने में आकाश को मोक्ष मिल जाता है
और जन्नत आत्महत्या कर लेती क्योकि
वो दुसरा जन्म ले सके ।

और आश्चर्य की बात है कि दोनों जहां पैदा हुए है
वो दोनों पड़ोसी है और दोनों को साथ खेलने देते है
और बहुत प्यार है दोनो में ।

प्यार की अंत है या नई शुरुआत अब आप सोचिए

अनुष्का वर्मा

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Manoguru

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