बलात्कार जारी है ….

सो रहा हूँ,सोने दो,
नहीं कोई आवाज़ दो,
घर मेरा अभी महफूज हैं,
चैन से मुझे रहने दो,
फर्क नहीं पड़ता कुछ,
जो रहा है सो होने दो,
फर्क अभी पडेगा भी नहीं,
जब तक काल दस्तक देगा नहीं,
सियासत के आँच में घर जलेगा नहीं,
धर्म और जाति पर तू बँटेगा नहीं,
तब तुम्हें भी चिल्लाना पडेगा,
इंसाफ के लिये दर-दर भटकना पडे़गा,
तुम्हारे दर्द के साथ बेदर्दी से खेला जाएगा,
धर्म और जाति पर तुम्हें भी बाँटा जाएगा,
इस तरह तुम्हें भी गुमराह किया जाएगा,
समय ना गँवाओ इंसानियत के पुजारी,
हुँकार भरो और अभी कूद पडो़ रणक्षेत्र में,
ये मत देखो किस घर से धुआँ उठा है,
बस ये देखो इंसानियत अभी भी जिंदा है,
तू सोया नहीं बस खोया है,
तू भटका नहीं बस दर भूला है,
तेरे सीने में भी आग सुलगती है,
दो जून की रोटी तुझे सब भुलाती है,
चलो,अब जाग भी जाओ,
जो खोया है उसे पा भी लो,
इंसानियत को शर्मशार मत करो,
गलत हो रहा है खुलकर विरोध भी करो,
गलतियों पर कभी खामोश ना रहा करो,
गर कोई डर है तो जिस्मों को उखाड़ फेको,
तन-मन को झूठ-सच के तराजू में मत तोलो,
अन्याय दिखाई दे रहा है तो उसका सामना करो।

Manas Kumar

टिप्पणी और सुझाव जेब में रखें तो बेहतर होगा, मनोगुरु पर कोई फर्क नहीं पड़ता , सत्ता के शीर्ष की मतान्धता , जमींदोज भी कर देती है साहिब….
घनानंद और चंद्रगुप्त को सुना ही होगा
देखना कहीं अच्छे दिन लाते लाते आपके दिन ही ना फिर जाएं
भक्तों के दिल पर बेखौफ वार कर रहा हूँ।
और हाँ भगवत गीता मैंने भी पढ़ी है….
रही बात ये कि आखिर मैंने क्या किया है , तो बता दूं कि जहाँ भी जाता हूँ संवेदनाऐ जगा कर ही आता हूँ….

कुछ को बदल रहा हूँ, बदल भी दिया है और प्रयत्न जारी भी है…
Nobody can do everything but Everybody can do something……..

तुम्हारे जुमलों से बेहतर है मनोगुरु

शख्श
🗣 — हो सकता है कि MLA को फसाया जा रहा हो……

जवाब — हो सकता है कि किसी की बहिन अपने कपड़े फाड़कर वहाँ जा सकती है और आप जैसे प्यारे भैया के साथ अगर,

तो हो सकता है कि MLA को फंसाया जा रहा हो….

.

ख़ुदकुशी कर लेंगीं आने वाली बच्चियाँ माँ के पेट में !!
जो पता चलेगा उन्हें, बलात्कार बहुत होते हैं इस देश में !!

हिंदू धर्म का अपमान किसने ज़्यादा किया? पद्मावत या पीके जैसी फिल्मों ने या फिर कठुआ बलात्कार जैसी घटना ने जहाँ दुष्कर्म मंदिर में हुआ और बलात्कारियों को बचाने के लिए भाजपा नेताओं की अगुवाई में हिंदू एकता मंच द्वारा जय श्री राम के नारे लगाए गये ??

Rahul Mishra

शैतान भी शर्मा जाए , कूछ ऐसी हरकत थी इंसानो की
भगवान भी चुप था , क्या करता वो भी
शायद मार चुका था , देखकर ये कारनामे उसकी सर्वोत्तम रचना की

अजीब सी हालत है , बड़ा अजीब अब वक़्त है,
यहाँ शैतान को मात देता इंसान है…

Swetapadma mishra

कुछ समय पहले 8 महीने की बच्ची से रेप हुआ था, यह ख़बर पढ़ने के बाद मुझे बहुत गुस्सा आया था, मेरा गुस्सा सातवें आसमान पर था, मतलब इंसानियत इस हद तक भी गुज़र सकती है, मैंने कभी नही सोचा था, उस वक़्त उस घटना ने ग़ुस्से से भरी कुछ विसंगति की पंक्तियों को जन्म दिया, अभी फिर 8 साल की एक बच्ची से रेप हुआ है, उन्नाव में एक बच्ची का पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाते दिलाते मर गया, तो मुझे अपनी लिखी वो पंक्तियाँ याद आ गई।

“जो दुनिया मे न आ पाई उसकी तक़दीर भी अच्छी थी।
जो रेप हुआ है दिल्ली में वो आठ महीने की बच्ची थी।
अहिंसा का चोला छोड़ो।पतिउत्तर में आघात करो
इन सभी वहशी दरिंदो अब अंग शत विक्षत करो।
फाँसी तख़्ते का चक्कर छोड़ो सबको एक सूत्र में बांट दो।
पूरी क़ानूनी प्रकिया संग र्चौराहे पे काट दो।
जो दुनिया मे न आ पाई उसकी तक़दीर भी अच्छी थी।
जो रेप हुआ है दिल्ली में वो आठ महीने की बच्ची थी।

क्या मालूम था इंसानियत इस हद तक गिर जाएगी।
बहन भाई के साथ भी अकेले रहने में घबरायेगी।
एक काम करो माताओं बहनों बच्चियों को पेट मे मार दो।
या तो कोई चंडी बनकर दैत्यों का शीश उतार दो।
जो दुनिया मे न आ पाई उसकी तक़दीर भी अच्छी थी।
जो रेप हुआ है दिल्ली में वो आठ महीने की बच्ची थी”

-अमूल्य मिश्रा

इसांनो की बस्ती में इंसान भला अब कौन है।
मंदिर में दुष्कर्म हुए मंदिर का ईश्वर मौन है।

हे भगवन आंधी तुफान प्रहार प्रल्य उठा
कलयूग को ध्वस्त कर खोल अपनी तू जटा

भूकम्प ला ज्वाला दिखा तबाही तबाही हो
गर तू नहीं तो मैं सर काटु उसका, चाहे मुझको फांसी हो

आठ साल की बच्ची कश्मीर में खुन से लथ पथ थी
टांग तोड़ा बलात्कार हुआ और वो मन्दिर के पिछे थी

अब भी चुप है शासन मौन यहां की सरकारे है
हम हाथ पे हाथ क्यूँ धरे रहे मेरा खुन मुझे ललकारे है

मेरा खुन मुझे ललकारे है
मेरा खुन मुझे ललकारे है

मुकेश ऋषि

Pathhar ki moorat ko pooja gya…
Khud maa ko puchhte tkk nhii…
Apni beti ko seene se lga rakhh liya…
Dusre ki beti ko nazar bhar k ghoor liya…
Ak taraf sant bnke pair chhuaa…
Dusri taraf mere jism ko noch kr kha liya…
Ak taraf main zinda hu pathhar bnke…
Ak taraf main marti hu insaan bnke…
Ladki kabhi sisakti band darwaazo me…
Kabhi Marti khokhh me…
Izzat kabhi taar hai sadakon pr
Kabhi izzat gawayi usne bharose pr…
Pathhar ki moorat ko pooja gya…
Khud ki maa ko puchhte tkk nhii..

Anushka verma

हैवानियत ने सारे कपङे उतार दिए हैं ,

इंसानियत अब सलीके से नंगी खङी है !!!

Mohammad Rashid Khan

इन मोमबत्तियों से उनकी आत्मा की जलन नहीं मिटेगी…..

दरिंदे

ओ मानव रूपी दरिंदे ,
अपने काम को तुम ,
इस तरह अंजाम दोगे ,
कि नन्हि बच्चियों
की इन्द्रियों मे भी ,
अपनी तृप्ति ढूंढोगे ।
किस मिट्टी के बने हो ,
ओ पाशविक मानव ,
कब तक अपने कुकर्म से ,समग्र
मानव जाति को शर्मशार करोगे ।

Sharda Mehta

Ranjan Raghwan

Manoguru

Hey...! My name is Abhishek Tripathi and pen name "Manoguru". Thanks a lot to be a member of my life by my these startups. I hope that you are easily understand me and my aim to change something in everyone. You know that -" Nobody can do everything but Everybody can do something". so activate your inner powers, talent, sensitivity , sincerity etc. Be a helping human... keep connected....... thanks again

8 thoughts on “बलात्कार जारी है ….

  1. Sabka sath aana bhut jruri hai vrna khi guraya sarnchan ke liye guraya diwas ki trah bitiya diwas bhi na mnana pad jaye

  2. ye pure desh ke liye behad sharmnak baat hai
    Or usse bhi sharmnak ye ki itna sab hone ke baad bhi karwahi ka intezar hoga insaaf k liye intezar krna pdega….. pta nahi kb tk hum jankaron dharm jaati ko le k ladte rahenge….kuch din ye sb news mein akhbaron candle marches mein social sites p kisi trend ki trh chlega or uske kuch hafte baad na kabhi ispe koi baat hogi na koi charcha… intezar krege to bs esi kisi ek or ghatna ka😢😢😢jo phirse desh or insaniyat ka naam dubo degi…
    Pure duniya bhar mein apni communication power k liye jane wale humare mananiya pradhanmantri ji maun rakh k bethe hue hai 😣😣
    Agr hum log abhi bhi nahi jaage to aane wale samay mein bht der ho jayegi…
    Hum se system hai… system se hum nahi
    Or haan mante hai isme badlaw lana itna asan nahi pr hume apni aur se kuch to pehal shuru krni hogi…..or iske liye hum sbke sath aye bina kuch nahi ho sakega…

  3. तो आज फिर इन्सानियत बिखरा-सा पड़ा है कहीं
    हवस के जोड़ पर हैवान फिर टूटा है कहीं
    भगवान के आँखों से अश्रु बन लज्जा की नदी
    दिया है जिसे आज भगवान की ही एक कृति

  4. रोक ना मुझे टोक ना, मैं काफ़िर ले चला हूँ
    हाँ बुराई मिटाने को, मैं कलम ले चला हूँ

    मेरा साथ आप सबके साथ हैं

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