ज़िन्दगी

कल एक झलक देखी ज़िन्दगी की ,वो मेरी राहों में गुनगुना रही थी । फिर ढूँढा उसे दर-बदर , वो आँख-मिचौली कर मुस्करा रही थी । एक अरसे बाद आया मुझे करार , वो सहलाकर मुझे सुला रही थी ।हम दोनों क्यूँ है खफा एक दूजे से , मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी । मैंने पूछ लिया कि ,”क्यूँ दर्द दिया ज़ालिम तूने “? वो बोली , ” कि मैं ‘ज़िन्दगी’ हूँ…

"ज़िन्दगी"

अंतर्विरोध कल और आज

अंतर्विरोध कल और आज – वीरू सिंह भारतीय समाज और राजनीति के तमाम अंतर्विरोध इस तरह पहले कब सतह पर तैरते दिखे थे, याद नहीं आता. भारतीय समाज के अंतर्विरोध पहली दफा तब दिखे थे जब मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू करने का सरकारी फैसला लिया गया था. लेकिन मंडल की वज़ह से समाज दो-फाड़ नहीं हुआ था. मंडल के समर्थन या विरोध में जो आन्दोलन हुए, वे भी अधिकांशतः शहरों तक ही सीमित…

"अंतर्विरोध कल और आज"

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पिताजी भारतीय सेना में थे और इसलिए अक्सर उनका हर दो या तीन साल में ट्रांसफर होता रहता था. यूँ तो पिताजी ने बहुत से ट्रांसफर देखे थे मगर वह पहला ट्रांसफर जो मुझे धुँधला धुँधला सा याद है सिलिगुरी से पचमढ़ी हुआ था. तब मैं कक्षा चार में था . वक़्त आ गया था जब हमने सामान पैक करना शुरू कर दिया . पिताजी के किट-बैग से लेकर बिस्तर-बंद तक सबकी पैकिंग मे बहुत…

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Manoguru

Do onething , surely you will get something. Abhishek Manoguru

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Rape

निःशब्द

"Rape"

Ankit Tripathi

हमारे देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो दूसरे धर्म के त्यौहारों को छोटा समझते हैं…चाहे वो जिस धर्म का त्यौहार हो ! शायद उनको ये नहीं पता या फिर शायद उन लोगों ने अपने धर्म ग्रंथों को ठीक न ही पढ़ा और न ही सुना या समझा है…! त्यौहार कभी किसी जाति, धर्म या किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं होता ! वो तो वैश्विक है… ऐसे लोग जो परधर्म को छोटा या…

"Ankit Tripathi"

What is Electricity ?

Indeed today the life of all the scientific, professional and practical world hinges on the backbone of electricity. Whether the weather is cold or anything else, today’s life can not be a step in the absence of electricity. Where power can take the life of a human being in a shock, modern medicine also uses its shaking to prolong life and protection. Whether there is an opera-theater or a patient-watching and drug-delivery-room, electricity should be…

"What is Electricity ?"

Worldpeace and India

Worldpeace and India India has always been a spiritualist and peaceful nation. It is certain that the happiness and prosperity of the world is only possible in a peaceful environment and India has always been trying for it. India is a desirous nation of ‘Vasudhaiva Kutumbakam’ and ‘Survey Bhavantu Sukhin: Survey Sanu Niramaya: whose basic sense is to establish peace. The country having a feeling of ‘Bahujan Hitya’ can not even think of the loss…

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Author Arjun Prasad

प्रिय फेस बुक फ्रेंड्स मैं सरकारी सेवा करने के साथ- साथ सामाजिक और साहित्यिक सेवा से भी बड़े पैमाने पर जुड़ा हुआ हूँ. और ऐसे ही सृजनकारी कलाकार व्यक्तित्वों को पसंद भी करता हूँ मैं किसी राजनीतिक दल अथवा पार्टी से बिल्कुल भी नहीं जुड़ा हुआ हूँ. मैं अनाप-शनाप मित्रों की बड़ी भीड़ या जमघट को कदापि पसंद नहीं करता हूँ मेरे सार्थक और सृजनशील सामाजिक सरोकार वाले मित्रों की तादात बेशक बहुत ही कम…

"Author Arjun Prasad"

The Glorious history of International Women Day

क्या है अंतर्राष्ट्रीय स्त्री दिवस (8 मार्च) का गौरवशाली इतिहास: यह एक त्रासदी है कि पूंजी की ताकत के ख़िलाफ़ मेहनतकश स्त्रियों के संघर्षों के परिणामस्वरूप उपजे 8 मार्च को आज बाज़ार की ताकतें co-opt करके एक जुझारू क्रांतिकारी विरासत को कलंकित कर रही है. वह 8 मार्च को भी एक माल के रूप में बेच रही है. Women Empowerment के नाम पर बड़ी-बड़ी कंपनियों की CEO, अधिकारयों (जो खुद मेहनतकशों के शोषण में भूमिका…

"The Glorious history of International Women Day"

Truth on the bitter

कडवा है पर सत्य है । एक बार जरूर पढ़ना । …नीलामे दो दीनार….. “जबरदस्ती का भाईचारा ढोते हिंदुओं अपना इतिहास तो देखो…………….. … समयकाल.. ईसा के बाद की ग्यारहवीं सदी.. भारत अपनी पश्चिमोत्तर सीमा पर अभी-अभी ही राजा जयपाल की पराजय हुई थी … इस पराजय के तुरंत पश्चात का अफगानिस्तान के एक शहर….. गजनी का एक बाज़ार..! ऊंचे से एक चबूतरे पर खड़ी कम उम्र की सैंकड़ों हिन्दु स्त्रियों की भीड .. जिनके…

"Truth on the bitter"