Change of image’s season -” Sourabh Shandilya “

चलने लगी है हवाएँ, सागर भी लहराये
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अभिजीत से हमारा राब्ता इसी गाने से हुआ था । उस दौर में एल्बम का बङा क्रेज़ था और उसमें अभिजीत सबसे फिट बैठते थे ।

इस गाने को हमने सीडी पर तब देखा था जब हमारे बङे भाई लोंगो के किताबों में रवीना , ऐश्वर्या, माधुरी राज करती थी । और अपने क्रश को वे लोग मोटे – मोटे किताबों के बीचों बीच दबा के रखते थे ताकि कोई उसे देख ना ले क्योंकि फिर जो होता उन्हें इस बात का आभास था ।

इस गाने ने बचपन में ही महसूस करा दिया इश्क से ।

मैं भी उस बच्चे के तरह चुपके से दाढी बनाने लगता ।
जैसे कभी गोल-गोल घुमकर बनते थे शक्तिमान ।
कभी किसी बङी लङकी को अपना क्रश मान पीछे पङ जाते थे दिन, महीने, सालों तक ।

मगर एक तय समय के साथ सबकुछ छुटता चला गया ।
याद ने भी बङी खामोशी से खुद को अलग कर लिया
मुझसे ।

इधर पटना आना जाना लगा रहा, काफी परेशानी का सामना करना पड़ा मगर गाँधी मैदान के पास एक चाय के दुकान में इस गाने को बजता देख मैं चाय पीने से खुद को रोक नहीं पाया ।

सौरभ
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तस्वीरों के मौसम का बदलना
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जब आप इश्क में रहते हो , तो आप जान लो कि आप दुनिया के सबसे खुबसूरत शहर में रहते हो । वही शहर जहाँ की वो चाँद है । जिसके मासूम चेहरे के इर्द-गिर्द ही आपकी नज़र बैचैनी से टिका रहता है ।

कहते हैं ना कि बदलाव जरूरी होता है , सही कहते है ।
एक लड़की से अनजाने में इश्क हो गया मेरे भाई को ।
इश्क इतना गहरा था कि आज तक भाई साहब इश्क में है और वो लङकी उसे तो आज तक पता भी नहीं होगा की उससे कोई इश्क भी कर रहा है, एक तरफा इश्क ।

भाई साहब के बगल में बैठा करती थी, सभी लङके उससे बातें करते थे मगर ये नहीं क्योंकि इन्हें लगता था कि अगर बात किये क्या पता आगे से बात ना करें । इसी ना में कोर्स खत्म हो गया और ये भाई साहब इश्क से बिछड़ गयें ।

अब ये फेसबुक पर उसके तस्वीरों में खोया रहते हैं । उसकी तस्वीर बदलने का ये इंतजार करते रहते हैं । तस्वीर बदलते ही ये जोश से भर जाते हैं इतना नशा चढ जाता उस तस्वीर से की ये क्रिकेट में सेंचुरी भी लगा देते हैं, बस तस्वीर बदल जाये । बहुत दिनों से नहीं बदला था कि भाई साहब बिमार से हो गये थे । लग रहा था कि आखरी पत्ती वाला उपाय ना करना पङ जाए। मगर नहीं तब तक उस कन्या का पीछे से किसी ने तस्वीर उतार कर लगा दिया और इधर एक अधूरा प्रेम फिर से मंजिल की ओर अग्रसर हो गया ।

सौरभ शांडिल्य
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Writer – Sourabh Shandilya

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Manoguru

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