Juhi Singh Chauhan

सिर से लेके पांव तक बस तुझसे बंधी हूँ मैं,
कि तू अब तो कह दे कि हा बस तेरी हूँ मैं…

यूं तो रीति रिवाज में ज्यादा नहीं पड़ती
पर बात तेरी लम्बी उम्र की है इसलिए माथे पर
अपने ये लाल रंग बड़े प्यार से सजाती हूँ मैं
कि तू अब तो कह दे कि हा बस तेरी हूँ मैं

नहीं फर्क पड़ता मुझे गर हाथो में चूड़ियां ना पहनूँ मैं
पर बात तेरी खुशी की है इसलिए सहज सहज कर
इन्हें अपने हाथों में खनखनाती हूँ मैं
कि तू अब तो कह दे कि हा बस तेरी हूँ मैं

छोटी थी तबसे ही पैरो की पायल मुझे बेड़ियों सी लगती थी
पर अब तुझे पीछे दौड़ाकर इन्हीं पायलों को छन छनाना मुझे अच्छा लगता है,
कि तू अब तो कह दे कि हा बस तेरी हूँ मैं

नहीं पसंद मुझे कोई भी रंग इस दुनिया के
बस एक तेरे ही रंग में रंगी हुई हूँ मैं,
कि तू अब तो कह दे कि हाँ बस तेरी हूं मैं।

-जूही सिंह चौहान

मैं आज ये दुनिया छोड़ के जा रही हूँ माँ
सारे रिश्ते सारे नाते तोड़ के जा रही हूँ माँ
मां जब लोग चार बाते बनाए,
मुझ पर लांछन लगाए
तो उनकी बातों में ना आना
तुम बिल्कुल मत घबराना
मेरी तो कोई गलती नहीं थी
जानती हो ना माँ
मुझ पर कितने जुल्म हुए मानती हो ना माँ
लोगो की नजरो में तो रिश्ता अच्छा ही था
पर उस दरिंदे के मुंह पर मुखौटा लगा हुआ था
जब असलियत से उसकी वाकिफ हुई
मैं कैद हो चुकी थी उस चार दिवारी में माँ
मैं थक गई थी उसके जुल्म सह सह के माँ
घुट रही थी मैं रह रह के माँ
अंधेरे कमरे में मेरी राते गुजरती थीं माँ
हर रात मेरे जिस्म पर उसकी हैवानियत बरसती थी माँ

सबकी नज़र में तो वो एक शादी थी
पर असल में सिर्फ मेरी बर्बादी थी माँ

✍ जूही सिंह चौहान ✍

वो बड़े प्यार से नौ महीने अपनी कोख में तुझे रखती है
वो एक माँ है जो हजार दर्द सह कर भी तुझे पैदा करती है

जब तुम चलना भी नहीं जानते थे तो तुम्हारे डगमगाते कदमों से कदम मिला कर चलती है
वो एक माँ है जो तुम्हे इस जमीन पर सीधा खड़ा होना सिखाती है

एक हल्की सी खरोंच पर भी तुम्हारी जो तड़प सी उठती है
वो एक माँ है जो तुम्हारे गिरने पे सौ सौ आंसू बहाती है

अगर थोड़ी सी भी देर हो जाए तुम्हे स्कूल से लौटते वक़्त तो घर में सबसे ज्यादा जो हड़बड़ाती है
वो एक मां है जो जब तक तुम नहीं आते तुम्हारी चिंता में सहम सी जाती है।

तुम्हारी खुशियों में खुश और गम में तुम्हारे साए जैसे संग होती है
वो एक मां है जो ख्वाबों में भी आकर तुम्हारे आंसुओ को पोछती है।

तुम्हारी कामयाबी पे गुमान और तुम्हारी हार में साथ खड़ी होती है
वो एक मां है जो अपनी सारी दुआए तेरे सर पे छोड़ देती है।

Dedicated to maa
I love you maa!!
Happy mother’s day!!

Writer – Juhi Singh Chauhan

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Manoguru

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