◆◆★ अनजाना दर्द ★◆◆केशव पाल

◆◆★ अनजाना दर्द ★◆◆

खुशियां ही ढुढ़ता रहा ताउम्र…….
सपने ही संजोता रहा,
दिल मे…………………………..
यकीन न हुआ,न खुद पर……….
न हाथों की लकीरों पर………….
समेटता रहा कुछ खुशियां………
जो इर्द-गिर्द बिखरी पड़ी थी…….
हर सपने रखा सहेजकर………..
यादों की झोली मे……………….
जो मैंने उस रात देखे थे………… 
टुटी हुई ख्वाब मे………………..
देखा था वो भी जो लिखा था……
नसीब मे…………………………
रास न आयी ये जिंदगी………….
कुछ भी न लगा हाथ…………….
एक-एक कर सब छोड़ते गया, साथ
नजरों से ओझल हो गए…………
कुछ अरमान…………………….
जो अक्सर मै देखा करता था…..
अपनी तन्हाई मे…………………
कोरी सपाट जिंदगी मे…………..
जब खुद को अकेला पाया………
बरबस ही बिखर गये सारे सपने..
जो दिल की तिजोरी मे बंद कर,
रखा था………………………….
आज भी जिंदा है,वो टीस जब,
आहे भर-भर कटी थी वो,
रात।……………………………
कुछ लफ्ज़ आकर ठहर गये,
होठों पे,कह न सके दिल की वो,
बात।।…………………………..

 

*✍🏻-केशव पाल,*
मढ़ी (बंजारी)सारागांव,
रायपुर(छ.ग.),
9165973868,
9644363694

 

● *कविता* ●
★माटी★

माटी के तन बने हे,माटी के 
धन रे।……
एक दिन सब्बो हो जाही माटी,येला झन जतन रे।।……..
कतको अइस दुनिया म।
बोहागे धारे-धार नंदिया म।
जेन करिस गरभ गुमान रे।…….
एक दिन………………….।।1।।
सत के रददा कभु नइ जानेच।
सियान के कहना कभु नइ मानेच।
दु अक्छर का पढ़ेच,तय होगेच गुनवान रे।…….
एक दिन………………..।।2।।
मानुस जोनी पाके,भुलागेच तय मानवता ल।
मोह होगे पइसा के,बिसरादेच जम्मो नाता ल।
पाप-पुन के मरम नइ जानेच, बनगेच तय सयतान रे।………….
एक दिन……………….।।3।।
यमराज के जब बुलावा आही।
मारत पीटत तोला ले जाही।
तब धिक्कारही तोला, तोर अंतस के इंसान रे।……………………..
एक दिन…………………।।4।।

*✍🏻-केशव पाल,*
मढ़ी (बंजारी)सारागांव,
रायपुर(छ.ग.),
9165973868,
9644363694

 

व्यंग्य बाण :-

एक झन ल कहेव-

कस यार तय चौबीसों घंटा, आनलाइन रहिथस का,
कुछु काम बुता नइ
करस का,
जब देखथव तब
का रात,का दिन,
का मुधरहा, का मझनिया,
कभु-कभु रात भर,
फेसबुक अउ वाट्सएप दुनो म,
का तोर घर के मन कुछू नइ काहय-
तब ओकर रोटहा जवाब देखव-
फोकट के पइसा मोला भावय नहीं कलम के मय मजदूर अव।
दुनिया म अतका बेरोजगारी छाये हे,मोबाइल चलाय बर मजबूर हव।।

 

*✍🏻-केशव पाल,*
मढ़ी (बंजारी)सारागांव,
रायपुर(छ.ग.),
9165973868,
9644363694

Writer’s Fb Profile – https://www.facebook.com/kavikeshav.pal

All copyrights are reserved to the respected writer. Using any writeup without permission is highly prohibited.

 

 

Manoguru

Hey...! My name is Abhishek Tripathi and pen name "Manoguru". Thanks a lot to be a member of my life by my these startups. I hope that you are easily understand me and my aim to change something in everyone. You know that -" Nobody can do everything but Everybody can do something". so activate your inner powers, talent, sensitivity , sincerity etc. Be a helping human... keep connected....... thanks again

One thought on “◆◆★ अनजाना दर्द ★◆◆केशव पाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *