गुनहगार हूं मैं (” मीरा श्रीवास्तव “)

प्यार करना गुनाह है तो गुनहगार हूं मैं
सबको अपना समझना गुनाह है तो गुनहगार हूं मैं

अपनों पर विश्वास करना गुनाह है तो गुनहगार हूं मै
अपनो से अपने पन की प्यार मोहब्बत की

छोटी छोटी खुशियों की चाहत रखना गुनाह है तो गुनहगार हूं मैं,
गुनाहों की सज़ा अपने ही मुझे खूब दे रहे हैं

हम जिनसे करते हैं प्यार हमें नज़र अंदाज़ कर रहे हैं,

नफ़रत के नश्तर हर पल चुभो रहें हैं

इस चुभन में भी हम बहुत खुश हैं क्योंकि

हर चुभन की टीस उनकी याद दिला जाती है
और हम हैं गुनहगार हमें बता जाती है ।

  • मीरा श्रीवास्तव

 

दौलत के बाजार में सबसे गरीब हूं
प्यार की दुनिया में बदनसीब हूं

उनके पास वक्त ही नही है मैंने लिए और
लोग कहते है मैं उनके बहुत करीब हूं ।

  • मीरा श्रीवास्तव

पहले तो वो मुझसे बहुत प्यार करता था
बहुत सी बातें करता था अपनी कहता मैरी सुनता,

अपने पन का अहसास कराता था
ना जाने क्यों बदल गया है

रखता था मैरा ध्यान करता था मैरा सम्मान
मैरे प्यार दुलार को ब‌हुत प्यार से संजोता था

ना जाने क्या हो गया है अब उसको
तोड़ दिए सब वादे उसने छोड़ दिए सब नाते रिश्ते ,

सपने मैरे तोड़ दिए ,

तनहा मुझे छोड़ गया मैरे आंचल में सारे दर्दो को,वो छोड़ गया

यादें ही रह गई मैरे पास उनमें ही जीती मरती हूं
कभी याद कर खुद हंस लेती कभी याद कर खुद ही रो लेती हूं

By- मीरा श्रीवास्तव

Author’s profile :https://www.facebook.com/meera.srivastava.1610

Follow writer’s writeups on Facebook profile . Manoguru has no words for her , The writer has incredible level of thoughts and imagination which is showing in this poem also.

Try to understand every feelings and emotions.

“तुम नहीं समझोगे” – मीरा श्रीवास्तव (गुरू माँ)

Manoguru

Hey...! My name is Abhishek Tripathi and pen name "Manoguru". Thanks a lot to be a member of my life by my these startups. I hope that you are easily understand me and my aim to change something in everyone. You know that -" Nobody can do everything but Everybody can do something". so activate your inner powers, talent, sensitivity , sincerity etc. Be a helping human... keep connected....... thanks again

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