“यूं ही नहीं निकलते आंसू” – मीरा श्रीवास्तव (गुरू माँ)

यूं ही नहीं निकलते आंसू यूं ही नहीं टपकते आंसू।
जब अपने धोखा देते हैं दिल पर चोट पहुंचाते हैं
पीठ में खंजर घोप देते हैं , विश्वास तोड़ देते हैं
जब होंठ कुछ नहीं कह पाते हैं तब अन्तर मन रो देता है , दिल से आह निकलती है तब
दिल की पीड़ा ही आंसू बन बहने लगती हैं
जो अपनापन रखतें हैं नम आंखों को पढ़ लेते हैं सारा दर्द समझ लेते हैं
जो नहीं प्यार करते हैं बहती आंखों पर हंसते हैं
जब निकले थे तेरे आंसू अन्तर मन मैरा भीग गया था,

तेरे आंसूओं से मैंने तेरे दिल का दर्द महसूस किया था। निकल पड़े थे मैंरे आंसू
क्योंकि मैंने तुझको अपना समझा था।
पर तूने ये क्या कर डाला मैरे आंसुओं का मज़ाक बना डाला ।
मत बनो किसी की आंख का आंसू
बहुत दर्द होता है बेवजह रूलाने वालों को ईश्वर ‌भी माफ़ नहीं करता है
जो है कोई शिकवा शिकायत कहसुन कर निपटा डालो,मत रखो किसी को धोखे में
जो मन में है स्पष्ट बता दो । दिल मत दुखाओ उस सखस का जो तुमसे प्यार बहुत करता है
तुम पर विश्वास करता है , तुमको अपना समझता है।

manoguru facebook page : https://www.facebook.com/abhishekmanoguru/

रूठे हम तो कोई मनाने वाला नहीं है
रोये हम तो कोई हंसाने वाला नहीं है
कुछ कहना चाहे तो कोई सुनने वाला नहीं है कुछ लिखे तो पढ़ने वाला नहीं है
गिरे तो कोई सम्हालने वाला नहीं है
तनहाई में कोई साथ देने वाला नहीं है
आंखों के आंसू कोई पौछने वाला है
कोई हमदर्द नहीं है कोई सहारा नहीं है
इस पथ पर चलना है मुझे अकेले ही
जीते जी जो ना दे सके अपना वक्त और कांधा
मरने की खबर सुन दोड कर आयेंगे‌ और जीते जी तो जलाते रहे
मरने पर भी ख़ाक में मिला कर अपने सारे फर्ज पूरे कर जायेंगे ।

manoguru facebook page : https://www.facebook.com/abhishekmanoguru/

All copyrights are reserved to the respected writer. Using any writeup without permission is highly prohibited.

Follow writer’s writeups on Facebook profile . Manoguru has no words for her , The writer has incredible level of thoughts and imagination which is showing in this poem also.

Try to understand every feelings and emotions.

Courtesy :- Abhishek Manoguru

“तुम नहीं समझोगे” – मीरा श्रीवास्तव (गुरू माँ)

गुनहगार हूं मैं (” मीरा श्रीवास्तव “)

“इकतरफ़ा रिश्ते” + “जिसकी दुनिया है” (मीरा श्रीवास्तव)

Manoguru

Hey...! My name is Abhishek Tripathi and pen name "Manoguru". Thanks a lot to be a member of my life by my these startups. I hope that you are easily understand me and my aim to change something in everyone. You know that -" Nobody can do everything but Everybody can do something". so activate your inner powers, talent, sensitivity , sincerity etc. Be a helping human... keep connected....... thanks again

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *