सत्य की राह – पायल भारद्वाज शर्मा

कितना मुश्किल है सत्य की राह पर आगे बढ़ना… झूठ आवाजें देता है बार बार पुकारता है पूरी शिद्दत से कि कमजोर पड़ जाओ तुम बस मुड़कर देखो तुम प्रतीक्षा करता है उस एक पल की जब भावनाओं का प्रबल प्रवाह क्षीण कर दे तुम्हारी इच्छाशक्ति और तुम पलट कर एक दृष्टि झूठ पर डालो उसी एक क्षीण क्षण में जकड़ लेता है तुम्हें संवेदनाओं का एक जाल भ्रमित करता है तुम्हें अपनी सम्मोहन शक्ति…

"सत्य की राह – पायल भारद्वाज शर्मा"