“शायद तुम गलत हो”- अंकित त्रिपाठी

*शायद गलत हो तुम * * अगर तुम्हें लगता है कि – हर पल सिर्फ उसके बारे में सोचना ही मोहब्बत है – तो, शायद गलत हो तुम ! *अगर तुम्हें लगता है- सारी रात जग कर उससे बातें करना ही मोहब्बत है -तो, शायद गलत हो तुम ! *अगर तुम्हें लगता है- कि चंद बेवाक् कसमें और वादे कर देना ही मोहब्बत है – तो शायद गलत हो तुम ! *अगर तुम्हें लगता है…

"“शायद तुम गलत हो”- अंकित त्रिपाठी"

Ankit Tripathi

हमारे देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो दूसरे धर्म के त्यौहारों को छोटा समझते हैं…चाहे वो जिस धर्म का त्यौहार हो ! शायद उनको ये नहीं पता या फिर शायद उन लोगों ने अपने धर्म ग्रंथों को ठीक न ही पढ़ा और न ही सुना या समझा है…! त्यौहार कभी किसी जाति, धर्म या किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं होता ! वो तो वैश्विक है… ऐसे लोग जो परधर्म को छोटा या…

"Ankit Tripathi"