” अब इन्तेजार नहीं तुम्हारा ” – आयुषी श्रीवास्तव

सुनो, अब इंतेज़ार नही है तुम्हारा क्योंकि कुछ वादे कर तुम भूल चुके हो इंतेज़ार, नही है अब तुमको अपनी बाहों में भरने का क्योंकि अब तक तो तुम किसी और कि बाहों में खुद को खो चुके हो इंतेज़ार, नही हूँ तुम्हारे दिन को खास बनाने का क्योंकि अब तुम उस दिन को किसी और के साथ ख़ास बनाते हो इंतेज़ार, नही है कि तुम मुझे मेरी जगह दो क्योंकि वो जगह तो टीम…

"” अब इन्तेजार नहीं तुम्हारा ” – आयुषी श्रीवास्तव"

Truth of your life by Ayushi Srivastava

“आज एक तोहफा चाहती हूँ” आज एक तोहफा चाहती हूँ प्यार नही ज़िन्दगी की सच्चाई चाहती हूँ तेरे सारे राज़ जानना चाहती हूँ तेरे दिमाग की उलझन को समझना चाहती हूँ हा आज मै ये तोहफा चाहती हूँ तेरी हँसी के पीछे का दर्द जानना चाहती हूँ तेरी खामोशी में छुपे हुए गुस्से का राज़ जानना चाहती हूँ हा आज मै ये तोहफा चाहती हूँ जानना चाहती हु तेरी ज़िन्दगी की सच्चाई को जानना चाहती…

"Truth of your life by Ayushi Srivastava"