Happy Mothers Day (Harshit Kushwaha)

Harshit kushwaha जब उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए मैं अपने शहर से दूसरे शहर गया था। जहां पर मुझे कॉलेज के छात्रावास में ही रहना पड़ता था।  बात उस वक्त की है जब मैं दिसंबर के महीने में भयंकर ठंड पड़ने के कारण रात के तकरीबन 2 बजे मुझे बहुत तेज बुखार था।हालांकि जवानी के सारे अच्छे दोस्त मेरे करीब ही थे । पर फिर भी दोस्त सिर्फ दोस्त ही होते हैं।  उस वक्त…

"Happy Mothers Day (Harshit Kushwaha)"

ऐ आसिफा जग शर्मिंदा है !! Mo. Arshan

ऐ आसिफा जग शर्मिंदा है !! ऐ आसिफा जग शर्मिंदा है !! मंदिर जैसी पवित्र जगह को अपने इरादे की तरह नापाक कर दिया !! क्या तुम्हें पता भी तुम लोगो ने क्या पाप कर दिया !! एक बच्ची का इंसानियत से तुमने भरोसा उठा दिया !! हम सबका सिर शर्म से तुमने झुका दिया !! पापी बाहर घूम रहे सब कर रहे बस निंदा हैं ऐ आसिफा जग शर्मिंदा है !! ऐ आसिफा जग…

"ऐ आसिफा जग शर्मिंदा है !! Mo. Arshan"