Happy Mothers Day (Juhi Singh Chauhan)

वो बड़े प्यार से नौ महीने अपनी कोख में तुझे रखती है वो एक मां है जो हजार दर्द सह कर भी तुझे पैदा करती है। जब तुम चलना भी नहीं जानते थे तो तुम्हारे डगमगाते कदमों से कदम मिला कर चलती है  वो एक मां है जो तुम्हे इस जमीन पर सीधा खड़ा होना सिखाती है। एक हल्की सी खरोंच पर भी तुम्हारी जो तड़प सी उठती है वो एक मां है जो तुम्हारे…

"Happy Mothers Day (Juhi Singh Chauhan)"

जाग जाओ नहीं तो पछताओगे- “बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा”

माँ की ममता  – कवि  बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)  जिसने मुझको जनम दिया, उस माॅ को मैं भुलूॅ कैसे अपने कर्म का फल है भाई, अपने कर्म को भुलूॅ कैसे ।। माॅ की आॅचल के नीचे हम, कितना सकुन पा लेते हैं ममता की देवी अपनी है माता, उनके चरण छु लेते हैं । माॅ के दिल में दर्द है होता, जब बच्चे को कुछ होता है बच्चा भी है रहता पूत जब तक, जब…

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