Ravan ko toh bematlab jalaya jata hai – Shruti Aggarwal

Ravan KO toh bematlab jalya jata h har Saal Socho usney sirf ek stri pr gandi nazar Dali thi …. sita ji KO Chua tak nhin tha , Ravan ko har varsh salon se saza milti AA rhi h ram ji ke vadh krny ke baad BHI kyun taki hamara samaz Yaad rakhey ki ek stri pr buri nazar dalny waly Ka kya harshye hota h toh fir kyun Nahin milti in darindo KO saza…

"Ravan ko toh bematlab jalaya jata hai – Shruti Aggarwal"

Modernisation

“रोटी” माथे पर, कड़क तडपता सूरज। बदन की करता लाही । सूलगे हुए सपने संग, झूलसाती गर्मी में । हवा के झोके से, मिले हल्का सूकुन । फटा हुवा गमछा , पोछता सारा पसीना । छिटक कर हाथ से, माथे की बूंदे । देखता एक बार, सूरज की ओर । फिर, पेड़ के निचे बैठकर । एक मजदुर, खाता है रोटी, तोड़कर एक एक कौर । प्रदीप सहारे लोधिवली-पनवेल “अाधुनिकता” आधुनिकता के मोह में, एैसे…

"Modernisation"

Truth of your life by Ayushi Srivastava

“आज एक तोहफा चाहती हूँ” आज एक तोहफा चाहती हूँ प्यार नही ज़िन्दगी की सच्चाई चाहती हूँ तेरे सारे राज़ जानना चाहती हूँ तेरे दिमाग की उलझन को समझना चाहती हूँ हा आज मै ये तोहफा चाहती हूँ तेरी हँसी के पीछे का दर्द जानना चाहती हूँ तेरी खामोशी में छुपे हुए गुस्से का राज़ जानना चाहती हूँ हा आज मै ये तोहफा चाहती हूँ जानना चाहती हु तेरी ज़िन्दगी की सच्चाई को जानना चाहती…

"Truth of your life by Ayushi Srivastava"

I have seen the Burning India.

“हिंदुस्तान जलते देखा है” कहीं दुकानें , कहीं कारे , कहीं मकान जलते देखा है।। मैंने इन दंगों में हिंदुस्तान जलते देखा है ।। कहीं थी आग की लपटें , कहीं धुँआ धुँआ हो रखा था ,, बिलखते भूखे बच्चों ने , राशन गोदाम जलते देखा है ।। हर तरफ आग का पहरा था ,, हर तरफ खून के छिटे थे ,, मैने इंसानों की बस्ती को कब्रिस्तान बनते देखा है ,, कोई था खून…

"I have seen the Burning India."

|| राम जन्म ।। – कार्य नंद पाठक (लेखक)

|| राम जन्म ।। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, आज मन में साध है, रामजन्म की कथा, कहकर सुनाऊं आपको। त्रेता में हम जनमे नहीं, आँखों देखा हाल यह। मानस में हमने जो पढ़ी, हम आप से जो कुछ सुनी, वर्णन वही करना यहां। महीना चैत का ही था, समशीतोष्ण वातावरण था, भूमि सुवासित थी। महलों से निकली,,,,, सोहरों की स्वर लहरियाँ, मन को भी हरने लगी। जो जहाँ था, व्यस्त था, फुरसत में था एको नहीं। खुशियाँ किसे…

"|| राम जन्म ।। – कार्य नंद पाठक (लेखक)"

“The Battle” – Devansh Arora

“The Battle” – Devansh Arora The sun was up, She looked so messed up. Yet so beautiful to him, He looked deep into those eyes as if in those, he wanted to swim. She just nonchalantly smiled while they wished each other morning, None of them even had a clue what new storm was aborning. Like every usual day they started to get ready for work, They have fought many battles to be together but…

"“The Battle” – Devansh Arora"

Change of image’s season -” Sourabh Shandilya “

चलने लगी है हवाएँ, सागर भी लहराये ——————————————————————– अभिजीत से हमारा राब्ता इसी गाने से हुआ था । उस दौर में एल्बम का बङा क्रेज़ था और उसमें अभिजीत सबसे फिट बैठते थे । इस गाने को हमने सीडी पर तब देखा था जब हमारे बङे भाई लोंगो के किताबों में रवीना , ऐश्वर्या, माधुरी राज करती थी । और अपने क्रश को वे लोग मोटे – मोटे किताबों के बीचों बीच दबा के रखते…

"Change of image’s season -” Sourabh Shandilya “"

धर्म के नाम पर गुमराह – (मानस कुमार देव)-

– मानस कुमार देव –   बेखबर कब तक रहोगे जमाने से, खुद में ही ऐसे कब तक सिमटे रहोगे, खिड़कियां-दरवाजे खोलकर तो देखो, तेरे दर पर भी दस्तक दे रहा है धुआं, कब तलक खुद को छिपाये रखोगे, जंजीर गुलामी की बढ़ती जा रही है, इस बात को कब तलक समझ जाओगे, द्वेष जो फैलाया जा रहा धर्म पर, कब तलक आँखें बन्द करके चलते रहोगे, गर अभी समझ जाते हो सारी बातें, जान…

"धर्म के नाम पर गुमराह – (मानस कुमार देव)-"

क़ाफ़िर कौन होता है ? ( चिराग शर्मा )

एक  ग़ज़ल  हमें भी तो चले मालूम आख़िर कौन होता है । ख़ुदा से पूछ के आओ “ये क़ाफ़िर कौन होता है ?” इक आंसू कर गया हिजरत मेरी आँखों की चौखट से, जब इक बच्चे ने ये पूछा “मुहाजिर कौन होता है ?” कमानें डाल दीं जब चाँद ने ही रात के आगे, उजाले बांटने वाला दिया फिर कौन होता है किसी की शक्ल लेने लगती है दीवार की सीलन, भला तन्हाई से अच्छा…

"क़ाफ़िर कौन होता है ? ( चिराग शर्मा )"

कवि मयंक मिश्रा ” रायबरेली “

जो बीत गया है वो कभी आ नही सकता कोई वक़्त से पहले यहा कुछ पा नही सकता जीवन है एक अनमोल सफर देखकर चलना कुदरत का भजन कर कोई ठुकरा नही सकता कवि मयंक मिश्रा रायबरेली   मेरा दिल तोड़ने वाले तेरा दिल टूट जायेगा। सवेरा है तो मुस्कालो अँधेरा भी तो आयेगा समय अच्छा तो सब संग हैं मगर इतना न इतराओ । बुरा जब वक़्त होगा तो न कोई पास आएगा। कवि…

"कवि मयंक मिश्रा ” रायबरेली “"