“शायद तुम गलत हो”- अंकित त्रिपाठी

*शायद गलत हो तुम * * अगर तुम्हें लगता है कि – हर पल सिर्फ उसके बारे में सोचना ही मोहब्बत है – तो, शायद गलत हो तुम ! *अगर तुम्हें लगता है- सारी रात जग कर उससे बातें करना ही मोहब्बत है -तो, शायद गलत हो तुम ! *अगर तुम्हें लगता है- कि चंद बेवाक् कसमें और वादे कर देना ही मोहब्बत है – तो शायद गलत हो तुम ! *अगर तुम्हें लगता है…

"“शायद तुम गलत हो”- अंकित त्रिपाठी"