Happy Mothers Day (Tanu Awasthi)

Writing competition on Mother’s day

Entry No 27
Tanu

मां की आकृति छाया मैंने पाई,
सूरज ढला तो चादर पिता ने लाई।
मां से मैं आज हूं,
पिता के सिर का ताज हूं।
मां के वचन है अनमोल,
उसमें शरबत का है घोल।
पिता के वचन साहस बढ़ाते हैं,
आगे बढ़ना वो हमें सिखाते हैं।
मां यदि है दर्पण तो ,
पिता द्वारा है सबकुछ अर्पण।
मां के द्वारा यदि सृष्टि का संचार है,
तो पिता उसका सर्वोत्तम द्वार है।
मां अगर है धैर्य सिखाती तो,
पिता की सीख आगे बढ़ाती।
मां यदि वंदना है ,
पिता उसका सार है।
पिता द्वारा खुला आंगन का हर द्वार है,
मां की महिमा है अपरंपार ,
पिता ने किए है कई उपकार।
मां अगर ज्योति है तो ,
पिता वो प्रकाश है,
रोशन हुआ जिस से कोना कोना,
पिता वो उल्लास है।

Writer – Tanu Awasthi

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Manoguru

Hey...! My name is Abhishek Tripathi and pen name "Manoguru". Thanks a lot to be a member of my life by my these startups. I hope that you are easily understand me and my aim to change something in everyone. You know that -" Nobody can do everything but Everybody can do something". so activate your inner powers, talent, sensitivity , sincerity etc. Be a helping human... keep connected....... thanks again

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